पांवटा-शिलाई एनएच 707 ग्रीन कोरिडोर में बीते चार वर्षों से निर्माण कंपनियों की ओर से पहाड़ों की कटिंग के लिए अत्याधिक मात्रा में प्रतिबंधित जिलेटिन का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह आरोप पर्यावरणविद एवं समाज सेवी नाथू राम चौहान ने नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में जड़े। उन्होंने कहा कि ताजा मामला टिक्कर स्कूल के साथ का है। इसके साथ गंगटोली खंड व गांव के पास बलास्टिंग की तैयारियां हैं। इससे पूर्व भी जगह-जगह कंट्रोल बलास्टिंग के नाम पर पहाड़ों को छलनी किया गया। उस दौरान उन्होंने मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश, आपदा प्रबंधन कंट्रोल, गृह मंत्रालय नई दिल्ली व क्षेत्रीय प्रमुख पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार को सूचना देकर बंद करवाया था। अब कंपनियों की ओर से कोर्ट को गुमराह करके बलास्टिंग की परमिशन दिखाई जा रही है, जो आधी-अधूरी है। उसमें कहीं भी जिलेटिन नहीं लिखा हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस को तत्काल प्रभाव से परियोजना निदेशक, सलाहकार कंपनी के टीम लीडर और कार्य कर रही कंपनी के मालिक व परियोजना प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई चाहिए।