सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने नाहन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से श्रमिकों, किसानों और कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। मेहरा ने कहा कि देश में आर्थिक असमानता बढ़ रही है और बड़ी संख्या में मेहनतकश वर्ग विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि नए श्रम कानून (लेबर कोड) श्रमिकों के अधिकारों को प्रभावित करेंगे और इनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि श्रमिक संगठनों और जनवादी संगठनों की 25 जुलाई को शिमला और 29 जुलाई को दिल्ली में बैठक प्रस्तावित है। इन बैठकों के बाद 10 अगस्त से देशभर में 'जेल भरो आंदोलन' शुरू किया जाएगा। मेहरा ने कहा कि सीटू और अन्य संगठन श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे और सरकार से श्रमिक हितों की रक्षा करने की मांग करेंगे।