पांवटा साहिब उपमंडल की राजकीय प्राथमिक पाठशाला दीघाली में मिड-डे मील (एमडीएम) वर्कर की भर्ती को लेकर विवाद गहरा गया है। भर्ती प्रक्रिया में पात्र महिला उम्मीदवार की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) और स्थानीय ग्रामीणों ने उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा को शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रोशन लाल के नेतृत्व में ग्रामीण मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और पात्रता मानदंडों की अनदेखी करते हुए एक अन्य महिला को मिड-डे मील वर्कर के रूप में नियुक्ति दे दी गई, जबकि वास्तविक पात्र उम्मीदवार को नजरअंदाज कर दिया गया। एसएमसी अध्यक्ष रोशन लाल ने कहा कि इस संबंध में पहले भी संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई न होने के कारण अब उपायुक्त के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई है, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। यदि किसी पात्र उम्मीदवार के साथ अन्याय हुआ है तो उसे न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया की जांच कर यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो नियुक्ति को निरस्त कर पात्र महिला को अवसर दिया जाए।