नए श्रम कानून के खिलाफ बिथल में कामगारों ने प्रदर्शन किया। मजदूरों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अडानी एग्री फ्रेश वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू ने केंद्र की मोदी सरकार के नए श्रम कानून लागू करने के खिलाफ लेबर कोड की प्रतियां जलाई और विरोध प्रदर्शन किया। सीटू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, यूनियन सचिव सुनील, कपिल और संजीव भगेट ने कहा है कि चार लेबर कोड को मजदूर संगठनों के विरोध और बुनियादी आपत्तियों को अनसुना करके एकपक्षीय ढंग से लागू किया गया है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मजाक उड़ाया है। भारत सरकार की ओर से अधिसूचित चारों लेबर कोड मजदूरों के लोकतांत्रिक अधिकारों, सुरक्षा, वेतन और सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करते हैं। सरकार ने पूंजीपति वर्ग के पक्ष में श्रम कानूनों को पुनर्गठित करने की कोशिश है। इन कोडों से संगठित व असंगठित दोनों क्षेत्रों के मजदूरों पर ठेका, कॉन्ट्रैक्ट और अस्थायी रोजगार का बोझ बढ़ेगा। श्रम कल्याण की अवधारणा संकुचित होगी। यूनियन के विभिन्न वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे। कहा कि 26 नवंबर को नए श्रम कानून लागू करने के खिलाफ रामपुर में विरोध प्रदर्शन होगा।