लगातार हो रही बारिश के बीच शिमला जिले के कुमारसैन उपमंडल की ग्राम पंचायत कोटीघाट के वार्ड रोपा में हुए भीषण भूस्खलन ने एक परिवार का आशियाना उजाड़ दिया। इस हादसे में रामानंद का इकलौता मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जिससे परिवार बेघर हो गया। वहीं कई किसानों के सेब के बागानों और कृषि भूमि को भी भारी नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, भूस्खलन इतना तेज था कि रामानंद का मकान मलबे में तब्दील हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन परिवार के सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। भूस्खलन का असर आसपास के किसानों पर भी पड़ा। ज्योतिराम के 35 सेब के पौधे क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि गुरदास के डंगे और सेब के पेड़ों को नुकसान पहुंचा। भीखम राम के पांच डंगे और पेड़ भी प्रभावित हुए। इसके अलावा श्यामानंद, दुर्गा और प्यारेलाल सहित कई अन्य ग्रामीणों की जमीन और सेब के बागानों को भी नुकसान पहुंचा है। इससे क्षेत्र के बागवानों को आर्थिक झटका लगा है। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत प्रधान चूड़ा देवी, बीडीसी सदस्य वेद वर्मा और पटवारी मनीष ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। उनके साथ वार्ड सदस्य संदीप और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया। पीड़ित परिवार ने पंचायत और प्रशासन को घटना की जानकारी देकर राहत और मुआवजे की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है और कई स्थानों पर जमीन दरकने लगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत प्रदान करने, नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।