देश की सबसे बड़ी जल विद्युत परियोजना के निर्माण को अर्जित भूमि गुज्जर समुदाय और बाहरी लोगों को देने के विरोध में कोटला के ग्रामीण बिफर गए हैं। कोटला विस्थापित मंच और हिंदू समाज ने सरकार के इस निर्णय का विरोध जताया है। गुरुवार को विस्थापितों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मंच ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर इस फैसले को वापस लेने और विस्थापितों की जमीन उन्हें लौटाने की मांग उठाई है। कोटला गांव में गुज्जर समुदाय और बाहरी लोगों को बसाने के फैसले के विरोध में कोटला गांव के विस्थापित आ गए हैं। विस्थापितों के मंच ने एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर ज्यूरी पंचायत प्रधान तंपा देवी, उप प्रधान अरुण शर्मा, विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष सुरेश मेहता, जिला महामंत्री विष्णु शर्मा, नीलम लश्टी, धर्मसेन मेहता, कृष्ण लाल वर्मा, राज कुमार लश्टी, केवल राम, प्रेम सिंह, मंगल दास सहित अन्य मौजूद रहे।