बौद्ध गुरु दलाई लामा के 90वें जन्म दिवस पर जिला किन्नौर के धार्मिक स्थल रारंग में आठ दिवसीय बज्र गुरु मंत्र जाप का आयोजन किया गया। 27 अगस्त से 3 सितंबर तक आयोजित इस बज्र गुरु जाप के दौरान टाशी छोएलिंग बौद्ध मठ में ईष्ट देवता पाथोरो डोंबर की उपस्थिति में छोगोन रिन्पोछे तेनजिन और छोएकी ज्ञाछो ने प्रवचन दिया। बज्र गुरु के दौरान दो सितंबर को गा रिन्पोछे शेद्डुब छोएकी ञीमा के 27वें महा परिनिर्वाण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर रिन्पोछे की ओर से समस्त श्रद्धालुओं को आचार्य असंग विरचित ज्ञल-स्त्रस् लग-लेन अर्थात् जिन पुत्रों का हस्तग्रहण ग्रंथ की व्याख्यान और दीर्घायु अभिषेक प्रदान किए। किन्नौर के सभी स्थानों से लामा और जोमो के साथ-साथ अन्य सैकड़ों श्रद्धालु यहां पहुंचे। सात दिन तक चले इस बज्र गुरु मंत्र का अखंड जाप के दौरान प्रकृति की रक्षा, लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि, पुण्य की प्राप्ति और शांति प्रदान करने के लिए छोगोन रिन्पोछे ने मार्गदर्शन किया। बज्र गुरु सेवा समिति रारंग के अध्यक्ष सांडुप पलदन, उपाध्यक्ष एवं डुबा प्रदीप कुमार और सचिव छोज्ञल ज्ञाछो नेगी ने बताया कि यह आयोजन बज्र गुरु सेवा कमेटी और रारंग के ग्रामीणों ने किया। बज्र गुरु जाप के अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम और सिंघे नृत्य का आयोजन भी किया गया। इसमें स्कूली बच्चों ने बेहतरीन प्रस्तुति दी। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने ईष्ट देवता पाथोरो डोम्बर, गा रिंपोछे और छोगोन रिंपोछे का आशीर्वाद लिया।