हिमाचल प्रदेश के किन्नाैर जिले की सांगला तहसील की पंचायत थैमगारंग के बलिदानी नायक पुष्पेंद्र पुत्र महेंद्र नेगी का गुरुवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बलिदानी को अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों लोग माैजूद रहे। पत्नी कीर्ति नेगी ने सैल्यूट कर बलिदानी पति को अंतिम विदाई दी और बोली- हमेशा आप के नाम के साथ जिउंगी और अपने साथ किसी और का नाम नहीं जुड़ने दूंगी। इससे पहले पुष्पेंद्र की पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंचते ही परिजन बिलख पड़े। बलिदानी पुष्पेद्र की पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही पत्नी शव से लिपट गई और फूट-फूट कर रोने लगी। हर आंख नम हुई। पास खड़ा छह साल का बेटा सबको रोते हुए देख रहा था। वहीं इस दाैरान पूरा क्षेत्र नायक पुष्पेंद्र नेगी अमर रहे, भारत माता की जय... के नारों से गूंज उठा। जानकारी के अनुसार 29 साल के नायक पुष्पेंद्र 19 डोगरा रेजीमेंट में असम में ड्यूटी पर तैनात थे। अचानक तेज हवाओं के चलते पेड़ की टहनियों की चपेट में आने से बलिदान हो गए। पुष्पेंद्र की पार्थिव देह असम से दिल्ली और वहां से चंडीगढ़ लाई गई। इसके बाद चंडीगढ़ से सेना के वाहन से पैतृक गांव थैमगारंग पहुंचाया गया। पुष्पेंद्र अपने पीछे पिता महेंद्र, माता सरला, पत्नी कीर्ति नेगी और बेटे एतिक (छह साल और एक भाई परविंद्र को छोड़ गए ।