डीडीएमए किन्नौर ,राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, हिमाचल अग्निशमन सेवा और हिमाचल होमगार्ड, हिमाचल पुलिस की ओर से इन दिनों सामुदायिक और स्कूलों में अग्नि सुरक्षा सप्ताह जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन करके लोगों को जागरूक किया जा रहा है। शनिवार को जिंदल विद्या मंदिर के बच्चों और कर्मचारियों को संवेदनशील बनाने और आपदाओं के दौरान हताहतों और चोटों को कम करने के लिए एनडीआरएफ ने स्कूल में सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान, छात्रों को स्कूल सुरक्षा की आवश्यकता और भूकंप से पहले, दौरान और बाद में किए जाने वाले सुरक्षा उपायों के बारे में व्याख्यान और प्रस्तुति के माध्यम से संवेदनशील बनाया गया। इसके बाद सीपीआर, रक्तस्राव नियंत्रण, डूबने, घुटन, ले जाने के तरीके और निकासी ड्रिल जैसे चिकित्सा प्राथमिक उपचार के बारे में प्रदर्शन और अभ्यास किया गया। कार्यक्रम में अग्निशमन प्रणाली का लाइव प्रदर्शन और आपातकालीन प्रतिक्रिया उपायों में व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल था। जेएसडब्लू के सुरक्षा प्रमुख और बांध सुरक्षा अधिकारी नितिन गुप्ता ने मानव जीवन, वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए खतरों को रोकने में अग्नि सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सभी से सतर्क रहने का आग्रह किया, खासकर गर्मियों के महीनों के दौरान जब आग का खतरा काफी अधिक होता है। इस दौरान अभ्यास के बाद डॉग शो हुआ। इस अभ्यास को किन्नौर जिले के गांवों में 1,000 से अधिक छात्रों, कर्मचारियों और समुदाय के लोगों ने देखा। इस मौके पर इंस्पेक्टर नीरज भारती ने 14 एनडीआरएफ की अपनी टीम के साथ, सुंदर लाल प्रभारी फायर स्टेशन रिकांगपिओ, मोहिंदर नेगी प्रभारी फायर पोस्ट भावानगर और अनिल कुमार प्रभारी फायर पोस्ट सांगला की टीम मौजूद रहे।