सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट लूहरी जल विद्युत परियोजना प्रबंधन के खिलाफ मांगों की अनदेखी को लेकर परियोजना प्रभावित 16 पंचायतों के किसान बागवानों ने परियोजना का निर्माण कार्य रोक दिया है। प्रभावित पंचायतों के करीब 80 किसान क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं और जब तक मांगों को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। एसजेवीएन की लूहरी जल विद्युत परियोजना प्रभावितों ने परियोजना प्रबंधन के खिलाफ दूसरे दिन वीरवार को भी विरोध प्रदर्शन किया। बुधवार को परियोजना प्रभावित शिमला और कुल्लू जिले की 16 पंचायतों के प्रभावित किसानों ने किसान सभा के बैनर तले नीरथ में एकत्र हुए। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जाता तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन को हिमाचल किसान सभा लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद, अध्यक्ष कृष्णा राणा, हिमाचल किसान सभा के राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद, किसान सभा जिलाध्यक्ष प्रेम चौहान, कुलदीप और नेताओं ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और परियोजना प्रबंधन प्रभावित पंचायतों के किसानों और प्रभावितों की अनदेखी कर रही है। परियोजना निर्माण के लिए जमीन देने वाले 128 परिवारों को आज दिन तक परियोजना में न रोजगार मिला है और न ही उन्हें नौकरी के एवज में एकमुश्त राशि का भुगतान किया गया है। परियोजना प्रभावित अन्य पंचायतों का भी यही हाल है यहां भी रोजगार और अन्य मसले ठंडे बस्ते में है।