शोषण मुक्ति मंच ने सोमवार को रामपुर में प्रदर्शन किया। मंच के सदस्यों ने दलित समाज पर हो रहे अत्याचार और हिंसात्मक घटनाओं को लेकर रोष जताया। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। मंच ने रोहड़ू और सैंज में हुई घटनाओं में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान शोषण मुक्ति मंच के संयोजक देवकी नंद, कुलदीप, दिनेश मेहता और मिलाप नेगी ने कहा कि हिमाचल में पिछले काफी समय से दलित अत्याचार और शोषण के मामले बढ़े हैं। रोहड़ू में दलित बच्चे सिकंदर की मृत्यु और कुल्लू के सैंज में दलित महिला पर हुए हमले और उसकी मौत जैसी घटनाएं समाज की संवेदना और राज्य की न्याय व्यवस्था दोनों पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। राज्य सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि संविधान द्वारा प्रदत्त समानता, न्याय और सम्मान के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। इस मौके पर सबीर दास कश्यप, प्रेम चौहान, राहुल, रणजीत, पूर्ण, भोगा राम, दुर्गा नंद, दिव्या, आशा, राजपाल, शीलू, नीमू, प्रदीप, बिनू, कैलाश, देवेंद्र, पेगा राम सहित अन्य मौजूद रहे।