परशुराम की चार ठहरियों में शुमार देवता साहिब दमुख के मंदिर परिसर में आयोजित दो दिवसीय डंसा मेला देव विदाई के साथ संपन्न हो गया। मेले के दौरान आयोजित सांस्कृतिक और रस्साकशी प्रतियोगिताओं में महिला मंडल जगूणी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल विजेता का खिताब अपने नाम किया। समापन समारोह में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लाल चंद शर्मा मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए। परशुराम मंदिर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता और उपविजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत आयोजित लोक नृत्य प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग में महिला मंडल जगूणी ने पहला स्थान हासिल किया। महिला मंडल धार दूसरे स्थान पर रहा। कनिष्ठ वर्ग में पायनियर पब्लिक स्कूल राया शरण ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। समूह गान प्रतियोगिता में भी महिला मंडल जगूणी ने पहला स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में शामिल महिला मंडलों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वच्छता और नशा मुक्ति का संदेश दिया। मेले में आयोजित रस्साकशी प्रतियोगिता में आठ महिला मंडलों ने भाग लिया। फाइनल मुकाबले में महिला मंडल जगूणी ने महिला मंडल लालसा को हराकर खिताब अपने नाम किया। विजेता महिला मंडल जगूणी को 4,100 रुपये की नकद राशि और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, जबकि दूसरे स्थान पर रही महिला मंडल धार को 2,100 रुपये की राशि दी गई। लोक नृत्य प्रतियोगिता की विजेता महिला मंडल जगूणी को 15 हजार रुपये और ट्रॉफी प्रदान की गई। उपविजेता महिला मंडल धार को 7,500 रुपये की राशि दी गई। स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के तहत मंदिर परिसर और सराय भवन की साफ-सफाई में बेहतर योगदान देने के लिए मंदिर समिति ने महिला मंडल जगूणी को विशेष रूप से सम्मानित किया। इस दौरान महिला मंडलों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया। मेले के दौरान रविवार देर रात तक डीजे की धुन पर नाटियों का दौर चलता रहा। लोक गायक सुरेंद्र ने पहाड़ी और किन्नौरी गीतों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मेले के समापन अवसर पर मंदिर समिति ने मेहमान देवताओं को प्रत्येक को 51 हजार रुपये की नजराना राशि चेक के माध्यम से भेंट की और विधिवत विदाई दी। मेले में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धालुओं ने देवताओं के दर्शन कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यातिथि लाल चंद शर्मा ने कहा कि मेले और त्योहार हमारी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं की धरोहर हैं। आधुनिक दौर में भी क्षेत्र के लोगों ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को संजोकर रखा है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया।