मंडी से कोटली तक चल रहे नेशनल हाईवे के निर्माण कार्य से हुए नुकसान पर किसी भी तरह की कोई भरपाई न होने से खफा प्रभावितों ने अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। शनिवार को तल्याहड़ में प्रभावितों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करके जमकर नारेबाजी की। प्रोफेसर अनुपमा सिंह ने कहा कि हर स्तर पर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ शिकायतें की गईं लेकिन कहीं से भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके चलते अब न्यायालय में पीआईएल दायर करने का निर्णय लिया गया है। स्थानीय निवासी कर्ण सिंह ने कहा कि मंत्रालय के आदेशों पर एक कंपनी को बाहर कर दिया गया है।