छोटी काशी मंडी में पहाड़ी साहित्य और संगीत के प्रख्यात रचनाकार व संगीतकार केआर पंछी का 90वां जन्मदिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर शहर के खत्री सभा भवन में जिला के संगीत प्रेमियों और साहित्यकारों ने एकत्रित होकर उनके योगदान को याद किया कर उनके लिए सम्मान भी प्रकट किया। कार्यक्रम का आयोजन संगीत सदन मंडी के संचालक उमेश भारद्वाज द्वारा किया गया, जो स्वयं केआर पंछी के शिष्य भी हैं। इस कार्यक्रम में रिसेशन जज तेजेंद नाथ मुख्यातिथि व नरेश वैद्य विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस अवसर पर एक बड़ा केक भी काटा गया और प्रख्यात रचनाकार व संगीतकार केआर पंछी के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की गई। बता दें कि 29 मार्च 1936 को बंजार में जन्में वयोवृद्ध केआर पंछी ने अब तक 250 से अधिक पहाड़ी रचनाओं का सृजन किया है। उनकी रचनाओं में प्रदेश की विभिन्न बोलियों की झलक देखने को मिलती है, जिन्हें उन्होंने कविता, ग़ज़लों और गीतों के माध्यम से बेहद सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया है। उनके शब्दों में लोक संस्कृति व प्रेम की गहराई और संगीत में सात सुरों की मधुरता साफ झलकती है। उनके 90वें जन्मदिवस के अवसर पर खत्री सभा भवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने केआर पंछी की रचनाओं को होर जीणे जो मेरे यार क्या चाहिदा थोडा पानी थोडा प्यार चाहिदा, अपने नजरा रे तीरा रा निशाना बणादे मुंजो पागल बनाणी दे दिवाना, झीला रे किनारे इक छोटा जे घर हो इक होंउ होर मेरा सजन हो, पहाड़ी बारह मासा इत्यादि को प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। इस मौके पर संगीत सदन के संचालक उमेश भारद्वाज ने कहा कि उनके गुरु केआर पंछी न केवल एक महान रचनाकार हैं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत भी हैं। उनका जीवन और कार्य आने वाले समय में भी साहित्य और संगीत जगत को दिशा देता रहेगा।