सर्व देवता सेवा समिति की आम बैठक शनिवार को देव सदन-संस्कृति सदन कांगनी में समिति अध्यक्ष शिव पाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शिवरात्रि मेले से संबंधित व्यवस्थाओं और परंपराओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक के दौरान समस्त कारदारों ने पड्डल मैदान में देवताओं को बैठाने को लेकर आ रही समस्याओं को सामने रखा। कारदारों ने उपायुक्त से अनुरोध किया कि शिवरात्रि मेले के दौरान पंजीकृत देवताओं के लिए बैठने का एक उचित और निर्धारित स्थान उपलब्ध कराया जाए, क्योंकि प्रत्येक वर्ष देवताओं के बैठने को लेकर असमंजस और विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। चर्चा के दौरान यह भी सामने आया कि पिछले कुछ वर्षों से कुछ कारदार परंपरा की अनदेखी करते हुए देवताओं को मेला संपन्न होने से पहले ही धाम ले जाते हैं। जबकि कुछ देवी-देवता पड्डल मैदान में मेला की शोभा बढ़ाने के लिए आते ही नहीं हैं। इससे दूर-दूर से दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु देवताओं के दर्शन से वंचित रह जाते हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कारदार शाम को मेला संपन्न होने के बाद देवता को धाम ले जा सकते हैं, लेकिन सुबह मेला प्रारंभ होने पर 10-11 बजे तक पड्डल मैदान में देवता की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह भी स्पष्ट किया गया कि मेला की शोभा और परंपराओं के निर्वहन के लिए ही प्रशासन द्वारा राशन भत्ता, यात्रा भत्ता, नजराना, बजंत्री मानदेय और ठहरने की व्यवस्था की जाती है। इसलिए आमंत्रित देवताओं के कारदारों का यह दायित्व बनता है कि वे सुबह से शाम तक पड्डल मैदान में देवता की उपस्थिति सुनिश्चित करें। बैठक में भीम चंद सरोच, तीर्थ राज, हुकम चंद, राजू राम, गोबिंद राम उप प्रधान, रेवती राम, डीक पाल, खीमा राम, भगत राम सलाहकार, घनश्याम, लेख राज पटियाल, केसर सिंह, विक्रम सिंह, नागेंद्र शर्मा, रमेश कुमार, नरेंद्र कुमार, बाला राम, शेष राम सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।