लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पधर उपमंडल के राजबन गांव के आपदा प्रभावितों को प्रदेश सरकार सुरक्षित स्थानों पर बसाने का प्रयास करेगी। बुधवार को प्रदेश सरकार की तरफ से विक्रमादित्य सिंह ने गांव पहुंचकर आपदा प्रभावितों के साथ मुलाकात की और अपनों को खो चुके परिवारों को ढांढस बंधाया। वह मीडियाकर्मियों के प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि राजबन गांव तक जाने वाली सड़क का चौड़ा करके बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। क्योंकि गांव का अधिकतर इलाका डेंजर जोन घोषित हो चुका है, ऐसे में यहां के प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घटना दुखद है और उसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। कहा कि प्रदेश सरकार ने राहत राशि के नियमों में बदलाव किया है। ऐसे में यहां के प्रभावितों को भी नए पैकेज के तहत लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि अभी तक आपदा प्रभावितों को प्रदेश सरकार की तरफ से 4-4 लाख की सहायता राशि दी जा चुकी है जबकि और राशि देने का भी प्रयास किया जा रहा है। इस दुख की घड़ी में विपक्ष के लोग भी यहां आएं हैं जोकि अच्छी बात है क्योंकि यह राजनीति करने का समय नहीं है। उन्होंने प्रभावितों की मदद के लिए आगे आने वाली संस्थाओं का भी आभार जताया। बता दें कि पधर उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत धमच्याण के राजबन गांव में बीते 31 जुलाई की रात को बादल फटने के कारण 9 लोगों की मौत हो गई है जबकि 1 अभी भी लापता है। दो लोग घायल हैं। इस आपदा में गांव के तीन घर चपेट में आए थे।