प्रदेश सरकार वंचित वर्गों के कल्याण के लिए कृतसंकल्प है और इस दिशा में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना सहित कई नवीन योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। यह बात आज यहां जिला कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए धर्मपुर से विधायक एवं समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए निरंतर समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विशेष योग्यता वाले व्यक्तियों तथा वरिष्ठ नागरिकों का आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान सुनिश्चित किया जा रहा है। इन वर्गों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मंडी जिला को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 123 करोड़ रुपए से अधिक की बजट राशि का प्रावधान किया गया है, जिसमें से अभी तक एक लाख 39 हजार 282 पात्र लाभार्थियों को लगभग 119 करोड़ 18 लाख रुपए की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मंडी जिला में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत दिसंबर 2025 तक 24561 नए मामले स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत जिला में कुल 1,39,100 पात्र लाभार्थियों को लगभग 117 करोड़ 43 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग राहत भत्ता, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग राहत भत्ता, कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता तथा ट्रांसजेंडर के लाभार्थी शामिल हैं। जिला में इस वर्ष अभी तक मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना के तहत 69 लाख रुपये तथा स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत लाभार्थियों को लगभग 52 लाख की सहायता प्रदान की गई है। चंद्रशेखर ने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति इन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहने पाए। इससे पहले उपायुक्त अपूर्व देवगन ने विधायक एवं समिति के अध्यक्ष का स्वागत किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि समिति के समक्ष प्रस्तुत सुझावों एवं निर्देशों की अक्षरशः अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी। जिला कल्याण अधिकारी समीर ने बैठक की कार्रवाई का संचालन किया। बैठक में नगर निगम मंडी के महापौर विरेंद्र भट्ट शर्मा, सभी उपमंडलाधिकारी (ना.) एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।