प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार एक मजबूत सहारा बन रही है। बीते बरसात के मौसम में अपने घर खो चुके प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के लिए राज्य सरकार की ओर से बढ़ी हुई सहायता राशि मिलने पर अब उनका अपने उजड़े आशियाने फिर से बसाने का सपना सच हो रहा है। मंडी जिले के सदर उपमंडल की ग्राम पंचायत बीर के धियूं गांव निवासी धर्मपाल सिंह इन्हीं प्रभावितों में से एक हैं। उन्होंने बताया कि 16 अगस्त, 2025 की रात हुई भारी बारिश से उन पर ऐसा कहर बरपा कि उनका पांच कमरों का मकान आंखों के सामने क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही एक पशुशाला और करीब अढ़ाई बीघा जमीन भी भारी बारिश से बह गई। ऐसे में ‘सुक्खू सरकार’ ने उनकी पीड़ा को समझा और आपदा प्रभावितों के लिए घोषित विशेष राहत पैकेज के तहत उन्हें घर बनाने तथा गौशाला के लिए उचित राहत राशि मंजूर की। धर्मपाल बताते हैं कि इस आपदा के बाद वे अपने परिवार सहित बेघर हो गए और रिश्तेदारों के पास शरण लेनी पड़ी। राज्य सरकार द्वारा मकान निर्माण के लिए अब सात लाख रुपये की राशि तथा घरेलू सामान के लिए भी एक लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। पहली किस्त के रूप में उन्हें 4 लाख रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इससे उन्होंने अपने मकान का निर्माण कार्य आरंभ कर दिया है। साथ ही पशुशाला के लिए भी उचित राशि जारी की गई है। उम्मीद है कि अगली बरसात से पहले ही घर बन कर तैयार हो जाएगा। प्रदेश भर में आपदा प्रभावित घरों के पुनर्निर्माण के लिए 141.61 करोड़ रुपये और किराए के मकानों में रह रहे परिवारों के लिए 8.97 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि मंडी जिला में वर्ष 2025 की बरसात में आई आपदा के प्रभावितों को गृह निर्माण एवं मरम्मत के लिए लगभग 31 करोड़ 81 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। इसमें पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त 717 घरों के लिए 19 करोड़ 30 लाख रुपए से अधिक तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 1406 मकानों के लिए 12 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक का मुआवजा दिया जा चुका है।