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Mandi: आपदा के जख्म फिर हरे, पहाड़ी दरकने से मकान पर मंडराया खतरा

नगर परिषद सरकाघाट के वार्ड नंबर दो (लाका) रामनगर में बारिश ने फिर तबाही के जख्म हरे कर दिए हैं। वर्ष 2023 की आपदा की भयावह यादें एक बार फिर लोगों को डराने लगी हैं। पहाड़ी से मलबा दरकने के कारण यहां एक परिवार के पक्के मकान पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। जबकि गांव तक पैदल पहुंचने का रास्ता भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। न ही यहां पर सड़क का नामोनिंशा है और न ही पैदल चलने का रास्ता बचा है। मलकीयत भूमि में मकान के ठीक पीछे स्थित पहाड़ी से होकर वर्ष 2020 में आधी अधूरी संपर्क सड़क निकाली गई थी। सड़क निर्माण के दौरान की गई भारी खुदाई के चलते वर्ष 2023 में यहां भीषण भूस्खलन हुआ था, जिससे मकान को भारी नुकसान पहुंचा था। नगर परिषद की ओर से यहां पर डंगा तो लगाया गया लेकिन वह आधा अधूरा है। यहां पर आपदा में गिरे मलबे को हटाने के लिए प्रभावित परिवार ने करीब तीन लाख रुपये खर्च किए है। भवन के कमरे के अंदर तक मलबा पहुंच गया था। प्रभावित महिला बिंता देवी पत्नी अनिल कुमार ने बताया कि नगर परिषद और प्रशासन को कई बार पत्र लिखे गए हैं। यहां पर सड़क निर्माण के लिए सरकारी भूमि पर पहाड़ी को काटा गया जिससे यहां पर भारी भूस्खलन हुआ है। यह पूरे गांव के पैदल रास्ता था जोकि भारी भूस्खलन से चलने योग्य भी नहीं बचा है। नगर परिषद की ओर से टालमटोल की जा रही है और प्रशासन की तरफ से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। पिछले सप्ताह से हो रही बारिश से पहाड़ी फिर से दरकने लगी और मलबा मकान तक पहुंच गया। परिवार के सदस्य डर के साये में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों से आग्रह है कि वह मौके पर आकर निरीक्षण करें ताकि उन्हें समस्या पता चल सके। तहसीलदार सरकाघाट मनीष कुमार ने कहा कि समस्या ध्यान में आई है। यहां पर समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे। जल्द ही मौके का निरीक्षण भी किया जाएगा।

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