शनिदेव मंदिर खुद्दर मच्छयाल में तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ राज्य कर एवं आबकारी विभाग से सेवानिवृत ईटीओ रणजीत कटोच ने किया और कहा कि देवभूमि हिमाचल में मेले हमारी प्राचीन संस्कृति, धरोहर और देव विरासत के समृद्ध प्रतीक हैं। इन्हें संजोए रखने के लिए हर वर्ग के लोगों के सहयोग की जरूरत है। मेलों के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ आपसी भाईचारे की भावना भी विकसित होती है। उन्होंने देवता मेले की पहली जलेब की अगुवाई कर क्षेत्र के अराध्य देव-देवताओं की पूजा अर्चना कर प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की। इससे पहले मेला समिति के अध्यक्ष कर्म चंद ने मुख्यातिथि रणजीत कटोच, विशेष अतिथि सुशील पठानिया को सम्मानित किया और मेले के इतिहास से अवगत करवाते हुए कहा कि शांति घाट शनि मंदिर खुद्दर मच्छयाल मेला मौजूदा परिवेश में हमारी प्राचीन संस्कृति को अलग पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहा है। तीन दिवसीय मेले में क्षेत्र के देवी देवताओं के पहुंचते ही क्षेत्र में देवलोक जैसा माहौल बना। मेले के शुभारंभ पर महिला मंडलों और स्कूली विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समा बांधा।