धर्मपुर क्षेत्र की बनाल पंचायत के रियूर में अनुसूचित एवं ओबीसी बस्ती और बनाल गांव के आसपास एनएच निर्माण कार्य से डेढ़ दर्ज़न रिहायसी मकानों के गिरने का खतरा पिछले दो साल से है। इसके अलावा कंपनी द्धारा जगह जगह अवैध डंम्पिंग की जा रही है और पारंपरिक रास्ते और पेयजल स्त्रोत भी तोड़ दिए हैं लेकिन उन्हें अभी तक पुरनिर्मित नहीं किया गया है जबकि छह महीने पहले उच्च स्तरीय जांच टीम ने दौरा भी किया था और जल्दी ईंन कार्यों को पूरा करने के निर्देश कंपनी को दिए थे। लेकिन कंपनी द्वारा अब तक कोई कदम न उठाने के कारण आज प्रभवितों ने हिमाचल किसान सभा के बैनर तले और पूर्व जिला पार्षद भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में रियूर और बनाल में दो घंटे सड़क जाम करके प्रदर्शन किया। उसके बाद कंपनी प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और लंबित कार्यों को बरसात से पहले 17 जून तक पूरा करने के लिए लिखित में समझौता किया उसके बाद ही प्रदर्शकारियों ने सड़क पर ट्रैफिक बहाल की। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कंपनी और ठेकेदारों द्धारा रिहायसी मकानों की सुरक्षा के लिए दो साल से सुरक्षा दीवारें नहीं लगाई जा रही हैं और अवैध रूप में सामग्री हर कहीं डंप की जा रही है। पिछली बरसात में भी कटिंग से हर कहीं फेंकी गई सामग्री से चलाल और धर्मपुर में तबाही मचाई थी। रियूर अनुसूचित जाति और ओबीसी बस्ती, खडेला तपवालका और बनाल गांव में ज्ञान चन्द, रूप लाल, पवन कुमार, हंसराज, देश राज, सुनील कुमार, शशिकांत, कृष्ण देव, राजेन्द्र पाल, अनूप कुमार, बीरी सिंह, श्रवण कुमार, विपिन कुमार, संजय, सन्दीप, नन्दलाल, मीरां सकलानी, सत्या देवी, कृष्णा देवी, चंपा देवी इत्यादि के मकानों को पिछली बरसात से खतरा है और उन्हें प्रसाशन ने रियूर स्कूल में रहने के लिए आदेश किये थे वहां पर पिछली बरसात के बाद अभी तक भी न तो सुरक्षा दीवारें लगाई गई हैं और न ही रास्तों का निर्माण किया गया है।कम्पनी ने जो रास्ते, पानी की बाबड़िया, हैंडपंप इत्यादि उखाड़ें हैं उन्हें अभी तक भी पुननिर्मित नहीं किया गया है। हिमाचल किसान सभा के स्थानीय पदाधिकारी जयगोपाल कटवाल, ज्ञान चन्द, चंपा देवी, मीरां सकलानी इत्यादि ने कहा कि वे पिछली बरसात के पहले से ही ईंन समस्याओं के बारे आवाज़ उठा रहे हैं लेकिन धर्मपुर का प्रशासन और विधायक कंपनी के आगे असहाय साबित हो रहे हैं। गत बरसात में हुए नुकस्सन के बाद एक उच्च स्तरीय जांच दल ने 26-27 दिसंबर को स्पॉट इंस्पेक्शन की थी जिसमें स्थानीय विधायक भी शामिल हुए थे जिसमें सभी लंबित कार्यों को मार्च माह तक पूरा करने के निर्देश दिये गए गए लेकिन अब तो मई महीना आधा बीत गया है और अगली बरसात शुरू होने वाली है लेकिन सभी अधूरे निर्माण कार्य जश के तश लंबित पड़े हैं। ठेकेदार द्वारा ऊपर की ओर की गई कटिंग की सुरक्षा के लिए जो दीवारें नहीं लगाई जा रही हैं जिससे दर्ज़नो घरों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस एक साल में एक उपलब्धि ये जरूर हुई है कि अब कंपनी ने सड़क निर्माण कार्य, डंगे लगाने इत्यादि का ठेका विधायक के समर्थक एक स्थानीय ठेकेदार को दे दिया है जिसके चलते अब विधायक का मुंह भी बंद है। इस दौरान किसान सभा के बाला राम, करतार सिंह चौहान, दिनेश कुमार काकू, अनिल कुमार, मान सिंह, बालम राम, बक्शी राम, तरहडू राम सहित दर्जनों लोग शामिल हुए।