भारत की जनवादी नौजवान सभा की लोकल कमेटी बाली चौकी ने 12 फरवरी को मजदूरों और किसानों द्वारा आयोजित हड़ताल का समर्थन करने की घोषणा की है। संगठन ने केंद्र सरकार की नीतियों को मजदूर, किसान और युवा विरोधी बताते हुए कहा कि इनसे महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है तथा खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था संकट में फंसती जा रही है। लोकल कमेटी अध्यक्ष देवेंद्र कुमार और राज्य सचिव महेंद्र सिंह राणा ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों पर दबाव बढ़ रहा है और खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। उनका आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, न्यूजीलैंड और यूरोपीय यूनियन के साथ किए जा रहे द्विपक्षीय समझौते से सेब सहित विभिन्न फसलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण कानून में बदलाव के प्रयासों और बिजली कानून 2025 के जरिए आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले जाने की आशंका है, जिसका संगठन विरोध करता है। नौजवान सभा ने घोषणा की कि केंद्र सरकार की इन नीतियों के विरोध में वह मजदूरों और किसानों के साथ 12 फरवरी को सड़कों पर उतरेगी और बाली चौकी में आयोजित रैली में भाग लेगी।