हिमाचल प्रदेश विधानसभा की लोक लेखा समिति के सभापति व विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए जारी राशि का आवश्यकता के अनुसार प्रत्येक क्षेत्र में सदुपयोग हो। जिला के अधिकारी अपने विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं आवंटित राशि इत्यादि का पूर्ण विवरण रखें और राज्य निधि का पारदर्शी व जबावदेह ढंग से व्यय सुनिश्चित करें। वह शुक्रवार को मंडी में समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आवंटित की गई राशि का सही उपयोग कर इसे जन विकास में व्यय करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। वंटित बजट के अनुरूप तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करने को प्राथमिकता दें और अकारण इस राशि को बिना व्यय किए बैंक खातों में न रहने दें। उन्होंने अधिकारियों से यह भी आग्रह किया कि वे ऑडिट पैरा से संबंधित तथ्यों की पूर्ण जानकारी तय समयावधि में प्रेषित करना सुनिश्चित करें ताकि उनका तद्अनुसार समाधान किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों व प्रशासनिक अधिकारियों को विकास कार्यों के त्वरित क्रियान्वयन के दृष्टिगत आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा और उम्मीद जताई कि आज की इस बैठक के सार्थक परिणाम सामने आएंगे। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक निर्माण, जल शक्ति, राज्य कर एवं आबकारी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अग्निशमन व राजस्व सहित अन्य विभागों से संबंधित ऑडिट पैरा पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में समिति के सदस्य एवं उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक डॉ. हंस राज, जीत राम कटवाल, इंद्र सिंह, डॉ. जनक राज व मलेंद्र राजन विशेष रूप से उपस्थित रहे। लोक लेखा समिति भारत के महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन वर्ष 2018-19, 2019-20 व 2020-21 तीन वर्षों तक ऑडिट पैरा की संवीक्षा के लिए इन दिनों विभिन्न जिलों के प्रवास पर है। इस अवसर पर उपायुक्त अपूर्व देवगन ने समिति को आश्वस्त किया कि बैठक में समिति की ओर से प्रदत्त दिशा-निर्देशों व सुझावों की जिला में अक्षरशः अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी। सभी विभागों द्वारा तय समयावधि में प्रतिवेदन प्रेषित कर दिए जाएंगे। इससे पहले लोक लेखा समिति ने राजकीय डिग्री कॉलेज मंडी के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण भी किया। बैठक में पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त रोहित राठौर, अनुभाग एवं समिति अधिकारी नैना कोटवी, वरिष्ठ प्रतिवेदक कल्पना वर्मा, अंजुला वर्मा, महालेखा परीक्षक कार्यालय से वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी अनूप कुमार, सहायक जितेंद्र गुलेरिया, संजीव कुमार, संतोष व अन्य मौजूद रहे।