पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस द्वारा मनरेगा योजना के नाम बदलने को लेकर किए जा रहे हो-हल्ले को फालतू का ड्रामा बताया है। मंडी में जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और इसके नेताओं से पूछा कि वे बताएं कि उन्होंने सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व की भाजपा सरकार की कितनी योजनाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया। आज सहारा योजना, हिमकेयर, वृद्धावस्था पेंशन और स्वावलंबन सहित अनेकों ऐसी योजनाएं जिन्हें मौजूदा सरकार ने सत्ता में आने के बाद से बंद कर दिया है। इन योजनाओं के लाभार्थी आज भी अपने हक के इंतजार में हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम वीबी-जीराम-जी करने के साथ ही उसमें ऐसे लाभकारी परिवर्तन किए हैं जिससे ग्रामीण परिवेश का संपूर्ण और सर्वांगिण विकास भी होगा और लोगों को पहले से ज्यादा रोजगार भी मिलेगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि जब प्रदेश की बात आती है तो कांग्रेसी कहते हैं कि यहां पर उनकी सरकार और यहां काम भी उन्हीं के हिसाब से होगा। अगर ऐसा है तो फिर केंद्र की मोदी सरकार क्या कांग्रेस से पूछकर योजनाएं बनाएगी और चलाएगी। केंद्र सरकार का योजनाओं को लेकर अपना विशेषाधिकार है। लेकिन हैरानी इस बात की है कि आज कुछ कांग्रेसी इतनी ओछी राजनीति पर उतर आएं हैं कि राष्ट्रपिता के सम्मान में कहे जाने वाले बापू शब्द की तुलना आसाराम बापू के साथ करने लग गए हैं। इससे कांग्रेसियों की राष्ट्रपिता के प्रति सम्मान की सही भावना का पता चलता है।