वीरवार देर रात मनाली के कोकसर के साथ सीजन की पहली बर्फबारी ने जिला के कमरुनाग धार्मिक स्थल में चांदी की चादर बिछा दी है। करीब 4 माह बाद इन्द्र देवता के प्रसन्न होने से पहाड़ों में बर्फबारी होने से किसानों, बागवानों, पर्यटकों और सैलानियों समेत देव समाज के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने कमरुनाग और शिकारी देवी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए है और मन्दिर परिसर से दुकानदारों समेत अन्य लोगों को पलायन करने के निर्देश दे दिए हैं। सेब बगीचों के लिए इस समय बारिश और बर्फबारी की बेहद जरूरत है। हल्की बारिश और बर्फबारी के बाद किसान बागवान और अधिक बारिश बर्फबारी की उम्मीद लगाए बैठे है। किसानों उत्तम चंद, राजीव ठाकुर, मुरारी लाल, दीपक, यशवंत, चन्द्रमणि, नाग, यशु, तोम चंद, भीम सिंह और वेद प्रकाश ने बताया कि बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए लाभदायक है। बागवानी विशेषज्ञ डॉ चिन्त राम ठाकुर ने बताया कि बर्फबारी और बारिश सेब पौधों के लिए रामबाण है। उधर लोनिवि, विद्युत और आईपीएच विभाग ने बर्फबारी से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। सभी महकमों के उच्चाधिकारियों ने कनिष्ठ अधिकारियों को बर्फबारी से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। देवता के गूर देवी सिंह ने कमरुनाग में बर्फबारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बर्फबारी होने से देवता की पवित्र झील जम गई है।