सरस्वती विद्या मंदिर, धर्मपुर में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई। मुख्य अतिथि के रूप में रजत ठाकुर ने शिरकत की, जबकि डॉ. जीवानंद चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जालम सिंह रहे। मुख्य अतिथि रजत ठाकुर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जीवन मूल्यों, संस्कारों और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करे। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन और परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर सरस्वती नंदन, जिला अध्यक्ष हिमाचल शिक्षा समिति ने विद्यालय द्वारा दी जा रही संस्कारयुक्त शिक्षा की प्रशंसा की और कहा कि विद्या भारती से जुड़े विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जगदीश बिट्टा ने की। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं अभिभावकों के सहयोग को विद्यार्थियों की सफलता का आधार बताया। विद्यालय के स्कूल प्रबंधक प्रेम पालसरा, कोषाध्यक्ष जय गोपाल, उपाध्यक्ष मुकेश लखनपाल एवं प्रधानाचार्या रम्पा चौहान ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में पंचायत समिति अध्यक्ष राकेश कुमार समेत अन्य गणमान्य लोग भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। समारोह के अंत में सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर परिश्रम, अनुशासन और संस्कारों के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। विद्यालय परिसर पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, अनुशासन और संस्कारों की भावना से सराबोर नजर आया।