प्रसिद्ध शक्तिपीठ अवाहदेवी माता मंदिर में करीब एक वर्ष बाद रविवार से नियमित लंगर और भंडारे की व्यवस्था फिर शुरू होगी। भूस्खलन के कारण सुरक्षा कारणों से पिछले वर्ष यह व्यवस्था अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थी। मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, पिछले वर्ष बरसात के दौरान हुए भूस्खलन से मंदिर परिसर का रसोईघर, उसके सामने बने शौचालय और पश्चिमी द्वार की ओर जाने वाला मार्ग असुरक्षित हो गया था। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए समिति ने लंगर-भंडारे स्थगित कर दिए थे। अब प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा दीवारों का निर्माण पूरा होने और स्थिति सामान्य होने के बाद समिति ने लंगर-भंडारे दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है। मंदिर प्रबंधन समिति के प्रधान रमेश चंद गुलेरिया ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता थी। आवश्यक सुरक्षा कार्य पूरे होने के बाद रविवार से पहले की तरह नियमित लंगर और भंडारे शुरू किए जा रहे हैं।