पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने रविवार को अपने गृह सराज विधानसभा क्षेत्र के जिला परिषद ब्रयोगी वार्ड के अंतर्गत महादेव भूमासी की तपोभूमि गाड़ागुसैनी एवं बगड़ाथाच में भाजपा समर्थित प्रत्याशी रोहित ठाकुर के पक्ष में सघन जनसंपर्क एवं चुनाव प्रचार किया। जनसभाओं को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने दावा किया कि जनता के अपार समर्थन और कार्यकर्ताओं के भारी उत्साह से यह पूरी तरह स्पष्ट है कि सराज विधानसभा के सभी जिला परिषद वार्डों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की प्रचंड विजय सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि जनता ने अपना स्पष्ट जनादेश सुना दिया है और प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता में जो भारी आक्रोश व्याप्त है, उसे उन्होंने अपने बहुमूल्य वोट के माध्यम से पूरी तरह से व्यक्त कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने अपनी संभावित हार को सामने देखकर पहले ही इन चुनावों को किसी न किसी तरह टालने का हरसंभव प्रयास किया था, लेकिन आज ये चुनाव सर्वोच्च न्यायालय के कड़े निर्देशानुसार ही संपन्न हो रहे हैं। उन्होंने लोकतंत्र की दुहाई देते हुए कहा कि चुनाव लड़ना और चुनना आम लोगों का एक सांविधानिक अधिकार है, परंतु इस वर्तमान सरकार ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए लोकतंत्र की इस सबसे छोटी और महत्वपूर्ण इकाई को कुचलने का दुर्भाग्यपूर्ण प्रयास किया है। जयराम ठाकुर ने विकास के मुद्दे पर घेराव करते हुए आरोप लगाया कि पूरे हिमाचल प्रदेश में भीषण आपदा के बाद से ही लगातार तमाम विकास कार्यों पर पूरी तरह से पूर्ण विराम लगा हुआ है और कांग्रेस सरकार अपने घोर वित्तीय कुप्रबंधन के कारण आज राज्य को गंभीर वित्तीय आपातकाल के दौर में ले आई है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि ऐसे संकट के समय में जब केंद्र सरकार की बजट योजनाओं के सहारे चलने वाली पंचायतों को भी विकास कार्यों से महरूम रखा जा रहा है, तो यह अत्यंत निंदनीय है। केंद्र सरकार बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के हिमाचल को लगातार पर्याप्त बजट आवंटित कर रही है, लेकिन राज्य सरकार उस बजट को भी धरातल पर खर्च करने से पूरी तरह कतरा रही है। उन्होंने कहा कि छह महीने से अधिक का लंबा समय बीत चुका है, लेकिन पिछली बरसात से लेकर अभी तक प्रदेश में कहीं भी कोई नया विकास कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जिससे न केवल ढांचागत विकास रुका है, बल्कि आम लोगों को मिलने वाले स्थानीय रोजगार पर भी पूरी तरह रोक लग गई है, जिसके कारण हमारी माताओं और बहनों में सरकार के प्रति गहरा रोष और नाराजगी है।