भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों पर हिमाचल किसान सभा का राज्य अधिवेशन अब 18 जुलाई को मंडी में होगा। पहले यह अधिवेशन 17 अगस्त को रखा गया था, लेकिन अब इसकी तारीख एक दिन आगे बढ़ा कर 18 अगस्त कर दी गई है। हिमाचल किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष कुशाल भारद्वाज ने बताया कि इस अधिवेशन में किसान सभा के राज्य नेतृत्व सहित प्रदेश भर से 100 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण, हाइडल प्रोजेक्ट निर्माण, रेलपट्टी निर्माण, हवाई अड्डा निर्माण तथा उद्योग आदि स्थापित करने के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण हो रहा है या फिर होना प्रस्तावित है। कई जगह लोगों का विस्थापन हो रहा तथा किसान भूमिहीन हो रहे हैं। भूमि अधिग्रहण के बाद होने वाले निर्माण कार्यों से बड़े पैमाने पर लोगों के घरों, दुकानों, गौशालाओं, घराटों, कूहलों, पानी के स्त्रोतों, खेतों, फसलों, घासनियों, चरागाहों, पर्यावरण तथा अन्य कई प्रकार का नुकसान होता है। एक तरफ किसानों को जमीन का उचित मुआवजा नहीं दिया जाता है न ही अन्य नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाता है। फोरलेन सड़कों के निर्माण से सर्विस रोड़, ओवेरब्रिज आदि और मुद्दे भी जनता के रहते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार का मुद्दा भी अहम मुद्दा रहता है तथा निर्माणाधीन कंपनियाँ रोजगार देने के मामले में में भी मनमानी करती हैं। बताया कि 18 जुलाई को मंडी में तारा चंद भवन में होने वाले इस अधिवेशन में पूर्व विधायक राकेश सिंघा, डॉक्टर ओंकार शाद, डॉक्टर कुलदीप सिंह तनवर, डॉक्टर राजेंदर चौहान, होतम सोंखला, सतपाल व अन्य मौजूद रहे।