मंडी–कुल्लू सीमा पर घाटी के आराध्य देव श्री खवलाशी नारायण का पावन हारगी उत्सव रविवार को विधिवत रूप से आरंभ हो गया। उत्सव का शुभारंभ घाटी के भमसोई गांव से किया गया। यह पारंपरिक हारगी उत्सव हर तीसरे वर्ष आयोजित किया जाता है। इस दौरान देव खवलाशी नारायण घाटी की 8 पंचायतों के 18 गांवों में 18 दिनों तक भ्रमण कर भक्तों को दर्शन देते हैं। देवता के साथ आए देवलुओं के भोजन की व्यवस्था ‘भोरा ’ डाल कर की जाती है। इसे एक प्रकार का लक्की ड्रॉ माना जाता है। यह हारगी उत्सव भमसोई से शुरू होकर घाटी के टकोली, भिंडी, झिड़ी, राहा, नगवाईं, कलांगार, टलाहर, सरसेहड़, तनारू, बहा, मशोरा, फर्श, लोट, खबलाश, शरण और पाली गांवों से होता हुआ 1 जनवरी 2026 को भालथड़ गांव में संपन्न होगा। उत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है।