मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का एक प्रतिनिधिमंडल जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता मंडी मिला और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि मंडी शहर में लगभग एक वर्ष से शहरवासियों को पानी के बिल नहीं दिए जा रहे हैं और अभी कुछ वार्डों में तीन-तीन महीने के बल दिए जा रहे हैं। जोकि बढ़ी हुई दरों के हिसाब से दिए जा रहे हैं। यह फैसला आम जनता विरोधी है। कुछ जगह बिना मीटर रीडिंग के भी बिल थमा दिए जा रहे हैं। माकपा का कहना है कि प्रदेश सरकार बड़ी हुई दरों को वापस लिए जाए। पानी के बिल पहले की भांति हर दो महीने में लिया जाए ताकि शहरवासियों को सुविधा हो सके। अभी भी दिसंबर 2024 तक का कुछ जगहों पर बल दिया गया है। अगस्त खत्म होने वाला है, परंतु इस वर्ष का कोई भी बिल अभी तक विभाग देने में नाकामयाब रहा है, जिस कारण लोगों के अत्यधिक बल आ रहे हैं। जल शक्ति अधिशासी अभियंता मंडी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि शेष बिलों को भी जल्द ही दिया जाएगा। यदि विभाग व सरकार समय पर उपरोक्त मांगों का हल नहीं करती है तो आने वाले समय में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, अन्य जन संगठन और शहर की आम जनता के साथ मिलकर शहर में एक उग्र आंदोलन चलेगी। जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और विभाग की होगी। इस अवसर पर पार्टी लोकल कमेटी सचिव सुरेश सरवाल, वीना वैद्य, रमेश गुलरिया, गोपेंद्र कुमार, रीना, दीपक कुमार, कांशी राम,प्रवीन, मनीराम,दीपक शर्मा इत्यादि ने हिस्सा लिया।