प्राकृतिक आपदाओं के तीन वर्ष बाद भी सदर शिक्षा खंड के अंतर्गत आने वाले राजकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय तवाराफी की तस्वीर नहीं बदल सकी है। वर्ष 2023 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुए दोनों विद्यालय आज भी बदहाली से जूझ रहे हैं। सुरक्षा दीवार ध्वस्त होने के बाद अब तक दोबारा नहीं बन सकी है, जबकि माध्यमिक विद्यालय का मुख्याध्यापक कक्ष पूरी तरह बह गया था, जिसका पुनर्निर्माण भी नहीं हो पाया। जर्जर भवनों, उजड़े खेल मैदान और असुरक्षित परिसर के बीच बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के प्रधान खोविंद्र ठाकुर और स्थानीय निवासी बालक राम ने बताया कि तवाराफी स्कूल से कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकले हैं, लेकिन आज विद्यालय का खेल मैदान और प्रार्थना स्थल झाड़ियों से घिर चुके हैं। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मंडी डॉ. सुनील दत्त ने बताया कि विद्यालय की सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए पंचायती राज विभाग के माध्यम से छह लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बरसात समाप्त होने के बाद स्थानीय पंचायत द्वारा सुरक्षा डंगा (सुरक्षा दीवार) निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा।