प्रदेश में युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति बल्ह ने इसके विरुद्ध समग्र, ठोस एवं व्यापक कानून बनाने की मांग उठाई है। इसी कड़ी में शनिवार को समिति के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम बल्ह के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। इससे पहले रैली भी निकाली गई। शनिवार को समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जम्वाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं में नशीले पदार्थों का बढ़ता इस्तेमाल केवल युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, सामाजिक स्थिरता और राज्य के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार का दृष्टिकोण मुख्य रूप से नशे की आपूर्ति कम करने पर केंद्रित है। समिति की उपाध्यक्ष पूनम चौधरी ने कहा कि नशे के कारण ओवरडोज से होने वाली मौतों में वृद्धि, उपचार सेवाओं की कमी तथा नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं के अपराधीकरण जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इस संकट से निपटने के लिए राज्य स्तर पर एक मिशन और समर्पित समन्वय एवं क्रियान्वयन सेल की स्थापना की जानी चाहिए। पूर्व राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र वालिया ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे इस गंभीर और ज्वलंत मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाएं तथा नशे से उत्पन्न संकट के समाधान के लिए तत्काल नीतिगत कदम उठाते हुए समग्र और ठोस कानून बनाने की पहल करें। इस अवसर पर समिति के सचिव नंद लाल शर्मा, सदस्य कांता शर्मा, मीना देवी, चंपा, ब्रेस्ती, पूर्व प्रधान जसवंत कौर व अन्य मौजूद रहे