जल शक्ति विभाग ने करीब दस दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद शहर में पेयजल आपूर्ति को बहाल कर दिया है। अभी भी चार पांच घरों में पेयजल की समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई है। फील्ड स्टाफ समेत कर्मचारी जुटे हुए है। एक दो दिनों में इस समस्या को भी दूर नने का विभागीय अधिकारियों ने दावा किया है। 30 जून व पहली जुलाई को भारी बारिश से टारना क्षेत्र में भूमि धंसने के कारण 250 एमएम व्यास की दो मुख्य पाइप लाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे मलबा पाइप लाइन में प्रवेश करने से शहर के कुछ क्षेत्रों की जलापूर्ति बाधित हो गई थी। समखेतर मोहल्ला, दरमायाना मोहल्ला, नेशनल स्ट्रीट, गोल पोड़ी एवं मोती बाजार के लगभग 200 उपभोक्ताओं की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो गई थी। विभाग ने दो जुलाई को सबसे पहले 250 एमएम ब्यास की दो मेन लाइनों को वेल्डिंग से जोड़ा। लेकिन जब पानी की आपूर्ति चालू की गई तो विभाग को बाजार के विभिन्न मुहल्लों में नलों में पानी के प्रेशर में कमी की शिकायतें प्राप्त हुईं । पाइपों में जमे कंकर, पत्थर एवं लकड़ी के टुकड़े बाहर निकाले गए। इसके अलावा जहां जहां पानी का प्रेशर कम हो रहा था वहां पर सार्वजनिक नल भी स्थापित कर अस्थायी पाईपें भी बिछाई गईं। दस दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद विभाग ने समस्या को दूर किया। जलशक्ति विभाग मंडी के अधिशासी अभियंता आरके सैणी ने कहा कि ऊहल नदी से पानी की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में मिल रही है। प्रतिदिन लगभग 18-19 एमएलडी पानी उपलब्ध हो रहा है। पड्डल पंप हाउस को भी दुरुस्त कर लिया गया है। मशीनरी ठीक कर पंप हाउस को स्टैंड बाय मोड में रखा गया है। जरूरत पड़ने पर इससे भी पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।