सीजन की दूसरी बर्फबारी ने जिला की सबसे ऊंची चोटी शिकारी देवी, कमरुनाग और शैटाधार धार्मिक स्थलों को सफेद कर दिया है। करीब 3 माह बाद इन्द्र देवता के प्रसन्न होने से पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से किसानों, बागवानों, पर्यटकों और सैलानियों समेत देव समाज के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। शिकारी देवी में 6 ईंच और कमरुनाग में 3 ईंच बर्फबारी दर्ज की गई है। निचले इलाकों में बारिश से किसान गन्दम की बिजाई की तैयारियों में जुट गए हैं। सेब बगीचों के लिए इस समय बारिश और बर्फबारी की बेहद जरूरत थी जिससे सेब बगीचों में चिलिंग आवर्स शुरू हो गए है। किसानों यशवंत, उत्तम चंद, राजीव ठाकुर, मुरारी लाल, दीपक, चन्द्रमणि, नाग, यशु, तोम चंद, भीम सिंह और वेद प्रकाश ने बताया कि बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए लाभदायक सिद्ध हुई है। बागवानी विषय वाद विशेषज्ञ डॉ चिन्त राम ठाकुर ने बताया कि बर्फबारी और बारिश सेब पौधों के लिए रामबाण है। उधर लोनिवि, विद्युत और आईपीएच विभाग ने बर्फबारी से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है।