जिला कुल्लू के ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में आयोजित संत निरंकारी मिशन का भव्य समागम केवल एक अध्यात्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और श्रद्धा का जीवंत उत्सव बनकर उभरा। विशाल मैदान में उमड़े हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त एवं जन समूह इस बात का प्रमाण थे कि आध्यात्मिकता आज भी लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों भक्तों ने सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज के दर्शन कर आत्मिक शांति और प्रेरणा का अनुभव किया। समागम से पूर्व युवाओं को आध्यात्मिक जागृति देने के लिए निरंकारी युथ सिंपोजियम कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ। आज एक विशाल सतसंग कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें सतगुरु माता ने अपने प्रेरणादायक विचारों में कहा कि सच्ची भक्ति वही है, जिसमें बुराइयों को छोड़कर केवल अच्छाई को अपनाया जाए। यह मात्र भक्ति नहीं, बल्कि प्रेमा भक्ति है, जो दिलों को जोड़ने का कार्य करती है। सतगुरु माता ने समझाया कि आज हम अक्सर दूसरों की गलतियां निकालने में अपना कीमती समय गंवा देते हैं, जबकि आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने भीतर झांकें और नफरत को खत्म कर प्रेम और भाईचारे की भावना को बढ़ाएं। युवाओं के संदर्भ में कहा कि उन्हें गलत ठहराना आसान है, लेकिन यह समझना भी जरूरी है कि उनकी राह में आने वाली चुनौतियों को समझना भी आवश्यक है।