कुल्लू शहर की सफाई व्यवस्था में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नगर परिषद कुल्लू की पहली बैठक में शहर के कचरा प्रबंधन को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में घर-घर से कचरा एकत्र करने की जिम्मेदारी आउटसोर्स कंपनी को सौंपने और पूरी व्यवस्था को क्यूआर कोड आधारित बनाने पर मंथन किया गया। मंगलवार को आयोजित नगर परिषद की पहली बैठक में कुल्लू सदर के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। परिषद के सदस्यों ने माना कि बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को देखते हुए पारंपरिक व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है, ताकि कचरा संग्रहण अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके। प्रस्तावित योजना के तहत शहर के प्रत्येक मकान मालिक और किरायेदार के लिए अलग-अलग क्यूआर कोड तैयार किए जाएंगे। सफाई कर्मचारी इन क्यूआर कोड को स्कैन कर घर-घर से कचरा एकत्र करेंगे। इससे यह रिकॉर्ड भी रखा जा सकेगा कि किस घर से कब कचरा उठाया गया और पूरी प्रक्रिया की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। नगर परिषद अध्यक्ष आशा ठाकुर और उपाध्यक्ष शालिनी राय भरद्वाज ने बताया कि इस नई व्यवस्था को पंजाब और हरियाणा के कुछ शहरों की तर्ज पर लागू करने पर विचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि तकनीक आधारित इस मॉडल से सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, जवाबदेही बढ़ेगी और शहर को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठक में यह भी माना गया कि यदि कचरा संग्रहण का कार्य आउटसोर्स कंपनी को सौंपा जाता है तो संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और नगर परिषद सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी कर सकेगी। परिषद ने संकेत दिए कि सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। नगर परिषद का उद्देश्य कुल्लू शहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली से जोड़ना है, ताकि नागरिकों को बेहतर सफाई सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।