लंका दहन की परंपरा के साथ ही कुल्लू में चल रहा सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का बुधवार को समापन हो गया। कुल्लू दशहरा के अंतिम दिन भगवान रघुनाथ ने रथ में सवार होकर लंका पर चढ़ाई की। भगवान रघुनाथ का रथ खींचने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। इसके बाद भगवान रघुनाथ अपने देवालय सुल्तानुपर के लिए रवाना हो गए। वहीं, देवी-देवता भी अपने देवालयों की ओर प्रस्थान कर गए। रथयात्रा में 50 से अधिक देवी-देवता लाव-लश्कर के साथ शामिल हुए।