कुल्लू दशहरा में रथयात्रा से पहले सभी देवी-देवता भगवान रघुनाथ के द्वार हाजिरी भरने के लिए जाते हैं। ऐसे में बाह्य सराज के देवी देवताओं ने भी भाग लिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर निकले देवताओं का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। देव खुडीजल, व्यास ऋषि, कोट पझारी, टकरासी नाग, चोतरु नाग और बिशलू नाग कुल्लू दशहरा में करीब 150-200 किलो मीटर दूर से भाग लेने आए हैं।