कुल्लू जिले के पांचों स्वास्थ्य खंडों में घरद्वार पर 30,000 से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी। बच्चे दस्त और निमोनिया बीमारी से ग्रस्त तो नहीं हैं। इसकी जांच का जिम्मा 500 से अधिक आशा कार्यकर्ताओं को सौंपा गया है। वह अपने संबंधित क्षेत्रों में नवजात शिशुओं और पांच साल तक के बच्चों के स्वास्थ्य को जांचेंगी। दस्त और निमोनिया के लक्षण दिखने पर बच्चों को अस्पतालों के लिए रेफर किया जाएगा, ताकि समय पर उपचार मिल सके। गुरुवार को अभियान का सीएमओ कुल्लू डॉ. रंजीत ने शुभारंभ किया।