भुंतर-मणिकर्ण सड़क की खराब हालत को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा मंगलवार को खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और धरना-प्रदर्शन कर सड़क की जर्जर स्थिति के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। धरने में समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, पर्यटन कारोबारी, किसान-बागवान और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह मार्ग कुल्लू घाटी के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ता है, जहां प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सतह और क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क की बदहाल स्थिति का असर स्थानीय व्यापार, पर्यटन गतिविधियों और आम जनजीवन पर पड़ रहा है। खराब सड़क के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है और वाहन चालकों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क की जल्द मरम्मत कराई जाए और भविष्य के लिए स्थायी समाधान तैयार किया जाए। उनका कहना था कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।