जनजातीय जिले लाहाैल-स्पीति की गाहर घाटी में पुत्र प्राप्ति के अवसर पर मनाए जाने वाले पारंपरिक एवं सांस्कृतिक महत्व से जुड़े गोची उत्सव का सोमवार को विधिवत आगाज हो गया है। उत्सव की शुरुआत बिलिंग गांव के आराध्य देवता अठारह नाग की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। इस अवसर पर पूरे गांव में उल्लास और उमंग का वातावरण देखने को मिला। पूजा के उपरांत पारंपरिक ग्रेक्स गीत गाए गए और रीति-रिवाजों के अनुसार पूरे गांव में सामूहिक रूप से उत्सव मनाया गया। ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर लोक परंपराओं को जीवंत किया। इस वर्ष बिलिंग गांव में चार परिवारों में पुत्र रत्न की प्राप्ति होने पर गोची उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इनमें लारजे जायलत्से नोरबू, स्वाची के जिगमेद उरज्ञान, पांस जितसेन नमसेल तथा गुमलिंगपा के जिगमेद तोबदन के परिवार शामिल हैं। इन परिवारों की खुशी में पूरा गांव सहभागी बना हुआ है।