देवताओं के आगमन और प्लेच से देवता खुड़ीजल का 11 दिवसीय देहुरी मेला शुरू हो गया है। मेले में मंडी जिला के छतरी के अधिष्ठाता देव चपलांदू नाग पहली बार पहुंचे हैं। वहीं टकरासी नाग ने भी मेले की शोभा को बढ़ाया है। इस दौरान देवता का मेला स्थल में भव्य देव मिलन हुआ। शुक्रवार दोपहर बाद करीब 1:30 बजे देवता खुडीजल और खोड़ू देवता देवालय से बाहर निकले और देव नृत्य किया। इसके बाद करीब 2:30 बजे देवता टकरासी नाग मेला स्थल पर पहुंचे। इसे पहले देवता टकरासी नाग ने एक निश्चित जगह पर देव परंपरा को निभाया। करीब 3:00 बजे देवता चपलांदू नाग ढोल, नगाड़ों के साथ मेले में पहुंचे और सभी देवताओं से देव मिलन किया। देवताओं के आगमन और मिलन को देखने के लिए कुल्लू व जिला मंडी की इतनी भीड़ उमड़ी कि देवता की सौह भी छोटी पड़ गई। शाम 4:15 बजे मेले का मुख्य आकर्षक पलेच शुरू हुआ। जिसको देखने के लिए हजारों की भीड़ सुबह से इंतज़ार कर रही थी। इस बार मेले की परंपरा का निर्वहन करने के लिए करशाला गांव के लोगों ने जंगल से पलेई (पेड़) लाई । इस दौरान देव खेल के बीच पलेई को खड़ा करने की प्रक्रिया शुरू हुई और लगभग एक घंटे के बाद पांच बजे इसे पलेई को मेला स्थल के एक कोने पर खड़ी की गई। देवता के कारदार शेर सिंह, कायथ पूर्ण शर्मा, पुजारी रूप लाल शर्मा,पुरोहित फौजी लाल शर्मा और तमेश शर्मा ने कहा कि देहुरी मेला शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि मेले में मंडी जिला के छतरी के देवता पहली बार मेले में शरीक हुए है। कहा कि 28 अगस्त को मेले का समापन होगा। कहा कि मेले में नाटी और देव नृत्य आकर्षक रहेगा।