देवभूमि हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की ऐतिहासिक राजधानी रही नग्गर के जगती पट्ट में शुक्रवार को देव संसद का आयोजन किया गया। इस देव संसद में 260 से अधिक देवी देवताओं ने भाग लिया। वहीं पहली बार मंडी जिले के स्नोर घाटी, लाहौल घाटी के देवताओं ने भी इस जगती में शिरकत की। जगती के दौरान सभी देवी देवताओं ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों को धार्मिक ही रहने दें और इसे बिल्कुल भी पर्यटन स्थल ना बनाया जाए। इसके अलावा देव स्थलों में भी जो छेड़छाड़ की जा रही है। उससे भी देवी देवता खासे नाराज है। ऐसे में सभी देवी देवताओं को आने वाला समय प्रलय का नजर आ रहा है। अगर इंसान समय पर अपनी गलती स्वीकार नहीं करता है। तो उसे आने वाले दिनों में इसका खामियाजा भुगतना होगा। इसके अलावा सड़कों पर जो गौ माता का तिरस्कार हो रहा है। इससे भी देवी देवताओं पर बोझ बढ़ रहा है और दुनिया प्रलय की ओर बढ़ रही है।