युवा शक्ति कांगडा ने सरकार की ओर से लागू की गई जॉब ट्रेनी पॉलिसी का कड़ा विरोध किया है। इसके साथ ही उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। सरकार का कहना है कि यह नीति युवाओं के हित के लिए है, लेकिन इस नीति से यह कहीं भी नहीं झलकता है। यह नीति युवा अधिकारों का हनन ही नहीं करती, बल्कि उन्हें उनके स्थायी रोजगार के अधिकारों से भी वंचित करती है। वर्तमान में प्रदेश में लाखों युवा सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, जहां ग्रामीण परिवेश के छात्र शहरों में रहकर तैयारी कर रहे हैं। युवाओं ने सरकार से इस तरह की स्थायी रोजगार विरोधी नीति के फैसलों को अधिकारिक तौर पर वापस लेकर युवा हित के पक्ष में फैसला लेने की मांग की है।