कहते हैं कि इंसानियत की पहचान केवल इंसानों की मदद से नहीं, बल्कि बेजुबान जीवों के प्रति संवेदनशीलता से भी होती है। इसका जीवंत उदाहरण वीरवार को ज्वालामुखी के वार्ड नंबर-4 में देखने को मिला, जहां एक गाय का बछड़ा करीब 35 से 40 फीट गहरे कुएं में गिर गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बछड़े के कुएं में गिरने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उसे बाहर निकालने के प्रयास शुरू कर दिए। हालांकि कुआं काफी गहरा होने और संसाधनों की कमी के चलते सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड ज्वालामुखी को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी देर तक चली कड़ी मशक्कत और सूझबूझ भरे प्रयासों के बाद टीम ने बछड़े को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि बछड़ा पूरी तरह सुरक्षित था और उसे कोई गंभीर चोट नहीं पहुंची। बछड़े के सुरक्षित बाहर आते ही मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और फायर ब्रिगेड कर्मियों का तालियों के साथ स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि समय रहते टीम मौके पर नहीं पहुंचती तो बेजुबान पशु की जान को खतरा हो सकता था। ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड ज्वालामुखी की त्वरित कार्रवाई और सेवा भावना की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। इस सफल रेस्क्यू ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मानवीय संवेदनाएं और सामूहिक प्रयास किसी भी जीवन को बचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।