हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री धनीराम शांडिल ने सोमवार को विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में माथा टेककर मां ज्वाला का आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रशासन और पुजारियों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। पुजारी रोहित शर्मा ने विधिवत पूजा-अर्चना करवाई। दर्शन के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने मंदिर परिसर स्थित मोदी भवन, शयन भवन और योगिनी कुंड में भी पूजा-अर्चना की। इस दौरान सीएमओ धर्मशाला डॉ. विवेक सूद, बीएमओ ज्वालामुखी डॉ. पवन शर्मा, मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंत्री ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से भी मुलाकात की। पत्रकारों से बातचीत में धनीराम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र के आधुनिकीकरण पर करीब 3,300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5 एमआरआई मशीनें और 1 पीईटी (PET) मशीन पहुंच चुकी हैं। इन आधुनिक उपकरणों से विशेष रूप से कैंसर मरीजों को बेहतर जांच और उपचार की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा अन्य अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण भी विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों, नर्सों और मेडिकल अधिकारियों की कमी को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर क्षेत्र में लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने ज्वालामुखी मंदिर में दर्शन के बाद कहा कि हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण पर 3,300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रदेश में 5 MRI और 1 PET मशीन पहुंच चुकी हैं, जिससे कैंसर सहित गंभीर बीमारियों के इलाज में सुविधा मिलेगी। सरकार डॉक्टरों और नर्सों की कमी भी चरणबद्ध तरीके से दूर कर रही है।