केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित बिजली संशोधन विधयेक 2025 के विरोध में गांव लरहाणा में बैठक आयोजित की। बैठक में स्मार्ट बिजली मीटर का विरोध कर नारेबाजी की। बैठक में लरहाणा, रौहीं, धिरवीं, जख्योल के ग्रामीणों ने भाग लिया। बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक 2025 केवल मात्र बिजली वितरण क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने व अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के मकसद से लाया जा रहा है। स्मार्ट मीटर को उपभोक्ताओं पर थोपना उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन है। उनके हितों पर कुठाराघात है। स्मार्ट मीटर से हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी छिन सकती है। निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रहे इलेक्ट्रॉनिक व ट्राई-वेक्टर मीटरों को कबाड़ में फेंका जा रहा है। बिजली उपभोक्ताओं, कर्मचारियों, पेंशनरों व प्रदेश हित में बिजली बोर्ड लिमिटिड को प्रयोगशाला बनाना बंद किया जाए। वहीं अन्य वक्ताओं ने गांववासियों को संबोधित करते हुए स्मार्ट मीटर का विरोध किया। बिजली बोर्ड से उनके घरों में स्मार्ट मीटर न लगाने की मांग की।