राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लदरौर और मुंडखर में पोषण अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुई। उन्होंने कहा किसी भी बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिन यानि गर्भ से लेकर उसके दूसरे जन्मदिन तक का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी दौरान उसके मस्तिष्क एवं शरीर का सर्वाधिक विकास होता है। इस दौरान बच्चे का सही पोषण सुनिश्चित किया जाए तो वह भविष्य में स्वस्थ जीवन जी सकता है।हमारे कई पारंपरिक व्यंजन एवं मोटे अनाज आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इन्हें दैनिक आहार में शामिल करके बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सकता है। उपमंडल भोरंज में 454 बच्चे कम वजन वाले व कुपोषित पाए गए हैं। कुपोषण को रोकने और बच्चों का सही पोषण सुनिश्चित करने के लिए पायलट आधार पर न्यूट्रिशनल इंटरवेंशन (पोषण हस्तक्षेप) कार्यक्रम आरंभ किया गया है। कार्यक्रम के तहत छोटे बच्चों को पौष्टिक गुणों से भरपूर रागी का पाउडर दिया जाएगा। इस मौके पर एडीसी अभिषेक गर्ग, सीएमओ डॉ. अजय अत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ अनिल कुमार, सीडीपीओ सुनील कुमार ने भी महिलाओं का मार्गदर्शन किया।