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Hamirpur: उषा बिरला बोलीं- स्वतंत्रता के साथ आई विभाजन की विभीषिका

अंकेश डोगरा Updated Wed, 13 Aug 2025 07:23 PM IST

भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व जिला उपाध्यक्ष उषा बिरला ने कहा कि 14 अगस्त 1947 केवल आज़ादी के सुनहरे अध्याय का दिन ही नहीं, बल्कि एक दर्दनाक त्रासदी का प्रतीक भी है। इस दिन हुए भारत के विभाजन ने लाखों परिवारों को अपने घर-आंगन, खेत-खलिहान और पुश्तैनी ज़मीन छोड़ने पर मजबूर कर दिया। यह केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं, बल्कि दिलों का बंटवारा था। उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्नों में दर्ज यह घटना हमें याद दिलाती है कि कैसे सांप्रदायिक हिंसा, अविश्वास और राजनीतिक निर्णयों ने करोड़ों लोगों को बेघर, बेसहारा और शरणार्थी बना दिया। लाखों निर्दोषों ने अपनी जान गंवाई, असंख्य बहन-बेटियों की इज़्ज़त लूटी गई और अनगिनत बच्चों का बचपन छिन गया। उषा बिरला ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 14 अगस्त को "विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस" के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस दर्दनाक इतिहास से सीख लें और देश में एकता, भाईचारा और अमन-चैन बनाए रखने का संकल्प लें। उन्होंने कहा, "आज हम उन सभी शहीदों, पीड़ितों और विस्थापितों को नमन करते हैं जिन्होंने विभाजन की पीड़ा सही, लेकिन अपने साहस और धैर्य से नए जीवन की शुरुआत की।"

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